समानता का अर्थ है कि सभी को समान अधिकार और अवसर प्राप्त हैं। इसका मतलब है कि कोई भी किसी से बेहतर नहीं है। कई देशों में समानता एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार घोषणापत्र में कहा गया है कि सभी मनुष्य स्वतंत्र पैदा होते हैं और सम्मान और अधिकारों में समान होते हैं। इसका अर्थ यह है कि सभी लोगों के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए, चाहे उनका लिंग, जाति, धर्म या कोई अन्य विशेषता कुछ भी हो।
सामाजिक सन्दर्भों में समानता का अर्थ किसी समाज की उस स्थिति से है जिसमें उस समाज के सभी लोग समान (अलग-अलग नहीं) अधिकार या प्रतिष्ठा (status) रखते हैं। सामाजिक समानता के लिए 'कानून के सामने समान अधिकार' एक न्यूनतम आवश्यकता है जिसके अन्तर्गत सुरक्षा, मतदान का अधिकार, भाषण की स्वतंत्रता, एकत्र होने की स्वतंत्रता, सम्पत्ति अधिकार, सामाजिक वस्तुओं एवं सेवाओं पर समान पहुँच (access) आदि आते हैं। सामाजिक समानता में स्वास्थ्य समानता, आर्थिक समानता, तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा भी आतीं हैं। इसके अलावा समान अवसर तथा समान दायित्व भी इसके अन्तर्गत आता है।
