Doctor G Review: ये कहानी है डॉक्टर उदय गुप्ता की जिसे आर्थोपेडिक्स में सीट नहीं मिलता तो मजबूरन वो गाइनोकोलॉजी डिपार्टमेंट में एडमिट हो जाता है।
ये फिल्म दो हिस्सों में बंट जाता है। इंटरवल से पहले और इंटरवल के बाद तो फर्स्ट हाफ में आयुष्मान को एक सक्सेस दिखाया जाता है आयुष्मान खुराना इस फिल्म में काफी क्यूट और एडोरेबल नजर आते हैं। इस फिल्म में ऐसे बहुत सारे कैरेक्टर्स आपको मिलेंगे तो आप समझ सकते हैं कि इस फिल्म का जो फर्स्ट हाफ है उसमें ऐसे बहुत सारे घटिया सेक्स जोक्स हैं जो आपको पसंद नहीं आए।
Doctor G
फिल्म का जो टैग है उदय उसका मानना है कि एक लड़का और लड़की दोस्त नहीं हो सकते वगैरह वगैरह। वो गाइड नहीं बनना चाहता क्योंकि उसका मानना है कि जो चीज उसके पास है नहीं उसका इलाज वो कैसे कर सकता है और फिर उसकी सोच और टॉपिक्स कैसे बदलती है।
आयुष्मान का परफॉर्मेंस हमेशा की तरह एफर्टलेस है। आयुष्मान की मम्मी शीबा चड्ढा जो आजकल काफी मूवीज में नजर आ रही है। उन्होंने बहुत अच्छा काम किया है। वो एक कूल मां का किरदार निभा रही है।
रकुल प्रीत ने भी ठीक ठाक काम किया है। आयशा खडूस इस फिल्म में एक कॉम्प्लेक्स रोल निभा रही है, जिसको उसे मैच्योरिटी के साथ निभाया है। शेफाली शाह, शेफाली शाह डॉक्टर नंदिनी के किरदार में एकदम परफेक्ट है।
फिल्म का फर्स्ट हाफ ओके ओके टाइप है, लेकिन सेकेंड हाफ में यह फिल्म आपके दिल को छू जाएगी, लेकिन फिर सेकंड हाफ स्टोरी में ट्विस्ट आता है जो पूरे फिल्म का रूप बदल देता है। सेकंड हाफ में हम थोड़े से इमोशनल हो जाते हैं।
तो मूवी अच्छी है, लेकिन थिएटर मटीरियल नहीं है। बेहतर होता अगर इस मूवी को OTT रिलीज करते ।
